Eat Stale Bread: भारतीय परिवारों में अक्सर रात की बची हुई रोटियां सुबह नाश्ते में खा ली जाती हैं। कुछ लोग इसे पूरी तरह सुरक्षित मानते हैं, तो कुछ का मानना है कि बासी भोजन से परहेज करना चाहिए। आजकल बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच यह सवाल और भी अहम हो गया है कि आखिर बासी रोटी खाना लाभकारी है या हानिकारक।
क्या कहती हैं रिसर्च?
कुछ अध्ययनों, जिनमें अमेरिकन जर्नल ऑफ़ क्लीनिकल न्यूट्रीशन में प्रकाशित रिपोर्ट्स के अनुसार ठंडी या एक दिन पुरानी रोटी में रेजिस्टेंट स्टार्च की मात्रा बढ़ सकती है। रेजिस्टेंट स्टार्च पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है और यह धीरे-धीरे टूटता है, जिससे लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बासी रोटी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ताजी रोटी की तुलना में कम हो सकता है। इसका अर्थ है कि इसे खाने से रक्त शर्करा का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। यही वजह है कि सीमित मात्रा में इसका सेवन कुछ लोगों, खासकर प्री-डायबिटिक व्यक्तियों के लिए लाभकारी हो सकता है।
किन बातों का रखें ध्यान?
हालांकि, पोषण विशेषज्ञ ताजी रोटी को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं। अगर रोटी को सही तरीके से रखा गया हो और उसमें खराब होने के संकेत न हों, तो कभी-कभार इसका सेवन किया जा सकता है। जिन लोगों को गैस, एसिडिटी, डायबिटीज या पेट से जुड़ी संवेदनशीलता है, उन्हें डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लेने के बाद ही बासी रोटी खानी चाहिए।
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। हिन्द लहर इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है। )

