India EV Sales: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को लेकर लोगों का नजरिया तेजी से बदल रहा है। पेट्रोल और डीजल वाहनों के विकल्प के तौर पर अब बड़ी संख्या में ग्राहक इलेक्ट्रिक गाड़ियों को चुन रहे हैं। यही वजह है कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2026 में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में सालाना आधार पर करीब 63 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इस तेज ग्रोथ के बाद यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की वजह से लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और कारों की बिक्री में जोरदार बढ़त
जून में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार की ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारों का रहा। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री करीब 75 फीसदी बढ़कर 1,93,735 यूनिट तक पहुंच गई।
वहीं, इलेक्ट्रिक पैसेंजर कारों की बिक्री में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। जून में इनकी बिक्री 31,823 यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो पिछले आंकड़ों के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा है।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में टीवीएस मोटर ने 47,064 यूनिट और बजाज ऑटो ने 43,306 यूनिट की बिक्री के साथ मजबूत प्रदर्शन किया। कार सेगमेंट में टाटा मोटर्स 12,187 यूनिट और महिंद्रा 7,766 यूनिट की बिक्री के साथ आगे रहीं।
क्या एथेनॉल ब्लेंडिंग है ईवी की बढ़ती मांग की वजह?
इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती बिक्री के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की नीति का असर ईवी की मांग पर पड़ा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ने के पीछे केवल एथेनॉल ब्लेंडिंग को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
कुछ पेट्रोल वाहन मालिक एथेनॉल मिश्रण को लेकर इंजन की लंबी उम्र और परफॉर्मेंस को लेकर चिंतित जरूर हैं, लेकिन ईवी अपनाने का मुख्य कारण इससे कहीं ज्यादा व्यापक है।
कम खर्च और बेहतर तकनीक से बढ़ा भरोसा
जानकारों के अनुसार, भारतीय ग्राहक अब इलेक्ट्रिक वाहनों की रेंज, आधुनिक तकनीक और कम मेंटेनेंस खर्च को समझने लगे हैं। कंपनियां भी लगातार नए मॉडल लॉन्च कर रही हैं और ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बेहतर फीचर्स और ऑफर्स दे रही हैं।
इसके अलावा, देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो रहा है। शहरों के साथ-साथ हाईवे और रिहायशी इलाकों में भी चार्जिंग स्टेशन बढ़ने से लोगों का भरोसा इलेक्ट्रिक वाहनों पर बढ़ा है।
बैटरी उत्पादन और घटती कीमतों का असर
भारत में बैटरी निर्माण को बढ़ावा मिलने से इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में भी धीरे-धीरे कमी आई है। इससे ईवी अब पहले की तुलना में ज्यादा किफायती विकल्प बन रहे हैं।
