Weight Loss Tips: आज के समय में बढ़ता वजन और मोटापा कई लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। वजन कम करने के लिए लोग डाइट से लेकर एक्सरसाइज तक कई तरीके अपनाते हैं। इसी बीच फिटनेस की दुनिया में 3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला काफी चर्चा में है। यह एक खास तरह की इंटरवल वॉकिंग तकनीक है, जिसमें चलने की रफ्तार को बार-बार बदला जाता है।
कई लोगों का मानना है कि यह तरीका सामान्य वॉकिंग की तुलना में ज्यादा असरदार हो सकता है। आइए जानते हैं कि आखिर 3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला क्या है और यह शरीर के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है।
क्या है 3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला?
3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला एक तरह की इंटरवल वॉकिंग है। इसमें आपको लगातार एक ही स्पीड से चलने के बजाय धीमी और तेज रफ्तार के बीच बदलाव करना होता है।
इसमें सबसे पहले 3 मिनट तक सामान्य गति से चलना होता है। इसके बाद अगले 3 मिनट तेज रफ्तार से वॉक करनी होती है। तेज चलते समय हाथों को भी एक्टिव रखें और इतनी गति रखें कि सांस थोड़ी तेज हो जाए। इसके बाद फिर 3 मिनट धीमी चाल से चलकर शरीर को आराम दिया जाता है।
इस पूरे पैटर्न को अपनी क्षमता के अनुसार कई बार दोहराया जा सकता है।
क्या 3-3-3 वॉकिंग से वजन कम होता है?
3-3-3 वॉकिंग में चलने की गति बदलती रहती है, जिससे शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे सामान्य वॉक की तुलना में अधिक कैलोरी खर्च हो सकती है।
तेज और धीमी चाल का यह तरीका शरीर के मेटाबॉलिज्म को एक्टिव रखने में मदद कर सकता है। साथ ही यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है जो भारी एक्सरसाइज या जिम नहीं कर पाते।
3-3-3 वॉकिंग के फायदे
दिल और स्टैमिना के लिए फायदेमंद
तेज गति से चलने पर दिल की धड़कन बढ़ती है, जिससे कार्डियो फिटनेस बेहतर हो सकती है। वहीं धीमी चाल शरीर को रिकवरी का समय देती है।
वजन कंट्रोल में मदद
चलने की स्पीड बदलने से शरीर को लगातार नई चुनौती मिलती है। इससे ज्यादा ऊर्जा खर्च हो सकती है और वजन कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
ब्लड शुगर और बीपी में मददगार
इंटरवल वॉकिंग शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर करने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है।
कितनी देर करनी चाहिए 3-3-3 वॉक?
इस वॉकिंग फॉर्मूला को करीब 18 से 30 मिनट तक किया जा सकता है। शुरुआत करने वाले लोग अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे समय बढ़ा सकते हैं।
Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी नई एक्सरसाइज या फिटनेस रूटीन को शुरू करने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर या फिटनेस एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
