Sheetala Ashtami 2026: इस वर्ष शीतला अष्टमी 11 मार्च 2026 को मनाई जा रही है । यह दिन विशेष रूप से मां शीतला को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन माता की विधिपूर्वक पूजा करने और उनके बताए उपाय अपनाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और सभी प्रकार के रोग और भय दूर होते हैं।
शीतला अष्टमी की परंपराएं:
इस दिन घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता, न ही ताजा भोजन बनाया जाता है। पूजा में माता को बासी भोजन का भोग लगाना और स्वयं बासी भोजन का सेवन करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा घर और आसपास की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
विशेष उपाय:
नौकरियों की चिंता दूर करने के लिए: सुबह स्नान के बाद शीतला चालीसा का पाठ करें और माता को पुष्प अर्पित करें।
स्वास्थ्य और लंबी आयु के लिए: मंत्र “मृणाल तन्तु सदृशीं नाभि हृन्मध्य संस्थिताम्…” का जाप करें।
परिवार की खुशहाली के लिए: शीतलाष्टक स्तोत्र में दिए मंत्र का जाप करें।
तरक्की और कामयाबी के लिए: माता के आगे घी का दीपक जलाएं और आरती करें।
सुख-समृद्धि बढ़ाने के लिए: घर पर आसन बिछाकर मंत्र “ऊँ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः” 108 बार जाप करें।
बिजनेस और जीवनसाथी की सुरक्षा के लिए: नीम के पेड़ के पास जाकर पूजा और ध्यान करें।
जीवन में मिठास लाने के लिए: नीम की 21 पत्तियों की माला बनाकर माता को अर्पित करें।
भय और रोग से मुक्ति के लिए: शीतलाष्टक स्तोत्र में दिए मंत्रों का जाप करें।
शीतला अष्टमी के ये सरल उपाय जीवन में सकारात्मकता, स्वास्थ्य और समृद्धि बढ़ाने में मदद करते हैं। मान्यता है कि इनका पालन करने से न केवल रोग और भय से छुटकारा मिलता है, बल्कि घर और परिवार में सुख और शांति का वास होता है।

