हेल्थ डेस्क : नींद में खर्राटे लेना अब सिर्फ मजाक या रातभर की परेशानी नहीं माना जाता। यह शरीर में चल रही गंभीर समस्या की चेतावनी भी हो सकता है। खर्राटे अक्सर ‘ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया’ का संकेत देते हैं, जिसमें नींद के दौरान सांस बार-बार रुकती है। इससे ऑक्सीजन का स्तर गिरता है और फेफड़ों व दिल पर दबाव बढ़ता है।
गंभीर प्रभाव
लेटेस्ट रिसर्च के अनुसार, खर्राटे लेने वाले 72% मरीजों में पल्मोनरी हाइपरटेंशन पाया गया है। यह स्थिति हार्ट फेल्योर और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देती है। लंबे समय तक स्लीप एप्निया रहने पर फेफड़ों की क्षमता घटती है और COPD जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ता है। देश में लगभग 11 करोड़ लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं, लेकिन अधिकतर लोग इसे मामूली ‘खर्राटे’ समझकर अनदेखा कर देते हैं।
खर्राटों के कारण
मोटापा
थायराइड
टॉन्सिल्स
हाइपरटेंशन
डायबिटीज
अस्थमा
साइड इफेक्ट
अनिद्रा
शुगर और बीपी में असंतुलन
कोलेस्ट्रॉल बढ़ना
साइलेंट अटैक
ब्रेन स्ट्रोक
परिवार और जीवन पर असर
46% लोगों को खर्राटों से परेशानी होती है। 20% कपल अलग सोते हैं।
अच्छी नींद पाने के उपाय
ताजा और हल्का खाना खाएं
तले-भुने भोजन से परहेज करें
5-6 लीटर पानी पीएं
रोजाना व्यायाम करें
रामदेव के घरेलू उपाय
पुदीने के तेल से गरारे: नाक की सूजन कम और सांस लेने में आसानी
लहसुन: 1-2 कली पानी के साथ लेने से ब्लॉकेज खुलता है और नींद शांत होती है
हल्दी वाला दूध रात में पीना
गुनगुने पानी में दालचीनी या इलायची मिलाकर पीना
सोने से पहले स्टीम लेना
हाइपरटेंशन कम करने के उपाय
पर्याप्त पानी पीना
स्ट्रेस और टेंशन कम करना
समय पर भोजन करना
जंक फूड से परहेज
स्वामी रामदेव के अनुसार, ये उपाय नियमित करने से नींद बेहतर होती है, सांस में सुधार आता है और खर्राटों की समस्या कम होती है।

