Vastu Tips For Roti: आजकल ज्यादातर परिवार छोटे हो गए हैं। घर में सदस्यों की संख्या कम होने से भोजन भी उतना ही बनाया जाता है जितनी जरूरत हो। ऐसे में कई लोग रोटियां बनाते समय उन्हें गिनकर बनाते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे शुभ नहीं माना गया है।
क्या कहता है वास्तु शास्त्र?
वास्तु मान्यताओं के अनुसार रोटियां गिनकर बनाना घर की सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है। ज्योतिष में गेहूं का संबंध Surya से माना गया है, जो शक्ति, प्रकाश और समृद्धि के प्रतीक हैं। माना जाता है कि रोटियां गिनना सूर्य की कृपा में कमी का संकेत हो सकता है और इससे आर्थिक तंगी या मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
रसोई से जुड़े जरूरी नियम
- चकला-बेलन की तेज आवाज
रसोईघर को घर का पवित्र स्थान माना गया है। रोटी बनाते समय चकला-बेलन की अत्यधिक आवाज को अशुभ संकेत माना जाता है। यह पारिवारिक कलह या तनाव से जुड़ा माना जाता है। यदि आवाज अधिक आए तो चकले के नीचे कपड़ा बिछाना बेहतर माना जाता है। - बासी आटे का उपयोग
कुछ लोग आटा गूंथकर फ्रिज में रख देते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार ताजा आटा ही शुभ होता है। बासी आटे को नकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है, जबकि ताजे आटे की रोटी घर में सकारात्मकता बढ़ाती है। - गर्म तवे पर पानी डालना
रोटी बनाने के तुरंत बाद गरम तवे पर पानी डालना भी उचित नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे घर में अचानक विवाद या तनाव की स्थिति बन सकती है।
पहली और आखिरी रोटी का महत्व
परंपराओं में पहली रोटी गाय को देने की परंपरा रही है, जिसे शुभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वहीं आखिरी रोटी कुत्ते को देने का रिवाज है, जो सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। आज भी कई घरों में यह परंपरा निभाई जाती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। हिन्द लहर एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

