गुजरात के बनासकांठा स्थित पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में जान गंवाने वाले 17 शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया जा रहा है। देवास जिले के नेमावर घाट पर शवों को मुखाग्नि दी गई। बता दें, मंगलवार सुबह 8 बजे हुए हादसे में 20 लोगों की मौत हुई थी। इनमें 8 लोग हरदा और 10 देवास जिले के थे। इनमें 5 से 8 साल तक के बच्चे भी हैं। दो की पहचान डीएनए टेस्ट से की जाएगी। मृतकों में एक मां और उसके तीन बेटे भी शामिल हैं। चाचा-भतीजे की जोड़ी भी इस हादसे में खो गई। हादसे में जान गंवाने वाले देवास के 9 मजदूरों के शव पहले उनके पैतृक गांव संदलपुर पहुंचे। अंतिम दर्शन के बाद उन्हें नेमावर घाट लाया गया। वहीं, हरदा के हंडिया के लोगों के शव गुजरात से सीधे नेमावर घाट लाए गए। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं। पूरे इलाके में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों की आंखें नम हैं। खातेगांव के मृतक पंकज का अंतिम संस्कार बाद में होगा। अभी उसका शव इंदौर में ही है। गुजरात के बनासकांठा के नजदीक डीसा में हादसा
हादसा मंगलवार सुबह 8 बजे गुजरात के बनासकांठा के नजदीक डीसा में हुआ। फैक्ट्री में धमाका इतना भीषण था कि कई मजदूरों के शरीर के अंग 50 मीटर दूर तक बिखर गए। फैक्ट्री के पीछे खेत में भी कुछ मानव अंग मिले हैं।

