नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में भाषण दिया। अपने भाषण में उन्होंने एक बार फिर भारत पर आरोप लगाए और कश्मीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भारत ने एकतरफा कदम उठाए हैं और इंडस वॉटर ट्रीटी को निलंबित करने की भारत की कार्रवाई गैर-कानूनी है। शहबाज ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की खूब तारीफ की और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने की मांग भी की।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
भारत ने शहबाज शरीफ के भाषण को “हास्यास्पद नौटंकी” बताते हुए कड़ा जवाब दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ का इस्तेमाल कर पाकिस्तान की पोल खोल दी। गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता है और उसकी हकीकत पूरी दुनिया के सामने आ चुकी है। उन्होंने साफ कहा कि झूठ और नाटक से सच छिपाया नहीं जा सकता।
आतंकवाद को पनाह देने का इतिहास
भारत ने दुनिया को याद दिलाया कि पाकिस्तान का आतंकवाद से पुराना रिश्ता है। अल-कायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में सालों तक छिपा रहा। पाकिस्तान के मंत्रियों ने खुद माना है कि उनके देश में दशकों से आतंकी कैंप चल रहे हैं। 25 अप्रैल 2025 को UN सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान ने “रेसिस्टेंस फ्रंट” नामक आतंकी संगठन को बचाने की कोशिश की। यह संगठन जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की हत्या के लिए जिम्मेदार है।
7 भारतीय विमानों वाले झूठे दावे
शहबाज शरीफ ने दावा किया कि “ऑपरेशन सिंदूर” में पाकिस्तान ने भारत के 7 लड़ाकू विमान मार गिराए। इस पर भारत ने कड़ा जवाब दिया। गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान के बहावलपुर और मुरीदके में मौजूद आतंकी ठिकानों की तस्वीरें सच्चाई दिखाती हैं। इन ठिकानों पर भारतीय सेना ने कार्रवाई कर आतंकियों को खत्म किया था। उन्होंने याद दिलाया कि 9 मई तक पाकिस्तान भारत को धमका रहा था, लेकिन 10 मई को वही पाकिस्तान युद्धविराम की गुहार लगा रहा था।
मध्यस्थता पर भारत का दो टूक जवाब
शहबाज ने दावा किया कि भारत-पाकिस्तान युद्धविराम में ट्रंप ने मध्यस्थता की थी। भारत ने साफ कहा भारत और पाकिस्तान के बीच के मुद्दे केवल द्विपक्षीय बातचीत से ही सुलझेंगे। किसी तीसरे देश की इसमें कोई भूमिका नहीं होगी। अगर पाकिस्तान वास्तव में शांति चाहता है, तो उसे अपने सभी आतंकी कैंप बंद करने होंगे और भारत में वांछित आतंकियों को सौंपना होगा।
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की हार
भारत के एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने साफ किया कि पाकिस्तान का दावा झूठ है। असलियत यह है कि भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के 9 बड़े आतंकी ठिकाने नष्ट किए। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। भारतीय कार्रवाई के सबूत तस्वीरों में मौजूद हैं। कुछ ही दिनों में पाकिस्तान घुटनों पर आ गया और युद्धविराम की मांग करने लगा।
ट्रंप की तारीफ और नोबेल शांति पुरस्कार की मांग
शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की। उन्होंने ट्रंप को “शांति का प्रतीक” कहा। दावा किया कि ट्रंप की वजह से ही युद्धविराम हुआ और दक्षिण एशिया में बड़ा युद्ध टल गया। पाकिस्तान ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया। लेकिन भारत ने साफ कर दिया कि युद्धविराम किसी तीसरे पक्ष की वजह से नहीं, बल्कि भारत और पाकिस्तान के दोनों DGMO (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) के बीच बातचीत से हुआ था।



