न्यूयॉर्क: अमेरिका में अब बीमार विदेशी नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। आपको बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने नया निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ऐसे अप्रवासियों को वीजा नहीं दिया जाएगा, जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। प्रशासन का तर्क है कि ये लोग भविष्य में सार्वजनिक लाभ योजनाओं पर निर्भर हो सकते हैं, जिससे देश की आर्थिक और स्वास्थ्य व्यवस्था पर बोझ बढ़ेगा।
दूतावासों को जारी हुआ आदेश
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग ने दुनिया भर में स्थित अपने दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को इस संबंध में औपचारिक निर्देश भेज दिए हैं। निर्देश में कहा गया है कि वीजा आवेदन की समीक्षा करते समय अधिकारियों को आवेदक के स्वास्थ्य की स्थिति पर विशेष ध्यान देना होगा। जिन आवेदकों को गंभीर बीमारियाँ हैं जैसे हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, श्वसन संबंधी बीमारियाँ, तंत्रिका संबंधी विकार या मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ उनके आवेदन अस्वीकार किए जा सकते हैं।
स्वास्थ्य स्थितियों को लेकर सख्ती
ट्रंप प्रशासन के इस आदेश में कहा गया है कि ऐसी बीमारियाँ अमेरिका के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे पर भारी आर्थिक बोझ डाल सकती हैं, क्योंकि इनके इलाज पर सैकड़ों-हज़ारों डॉलर खर्च हो सकते हैं। प्रशासन का दावा है कि यह कदम “राष्ट्रीय हितों की रक्षा” और “सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने” के लिए आवश्यक है।
आलोचना भी शुरू
हालांकि, मानवाधिकार संगठनों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस नीति की आलोचना की है। उनका कहना है कि यह फैसला अमानवीय है और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का उल्लंघन करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर वीजा से इनकार करना भेदभावपूर्ण है और इससे ज़रूरतमंद लोगों को उचित चिकित्सा सहायता से वंचित होना पड़ेगा।



