Breaking News
Edit Template
  • Home
  • /
  • देश
  • /
  • अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराया, PM Modi बोले- “सदियों के घाव भर रहे हैं”

अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराया, PM Modi बोले- “सदियों के घाव भर रहे हैं”

नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अयोध्या स्थित राम मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराया। बता दें कि इस अवसर पर उनके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे। ध्वज फहराने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि आज संपूर्ण भारत और विश्व राममय हो गया है। उन्होंने कहा कि रामभक्तों के हृदय में अद्वितीय संतोष है और सदियों से चले आ रहे घाव भर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि अयोध्या अब सांस्कृतिक चेतना के नए उत्कर्ष का प्रतीक बन गई है। उन्होंने कहा कि, “सदियों की वेदना आज विराम पा रही है और सदियों का संकल्प सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। यह उस यज्ञ की पूर्णाहुति है जिसकी अग्नि 500 वर्षों तक प्रज्ज्वलित रही।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि मंदिर के शिखर पर फहराया गया धर्मध्वज केवल एक ध्वज नहीं है, बल्कि यह भारतीय सभ्यता और संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक है। भगवा रंग, सूर्यवंश की ख्याति, ऊं शब्द और कोविदार वृक्ष के अंकन के माध्यम से यह ध्वज रामराज्य की कीर्ति का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि यह ध्वज संघर्ष से सृजन तक की गाथा और संतों की साधना का सार्थक परिणाम है।

पीएम मोदी ने ध्वज को “प्रेरणा का प्रतीक” बताते हुए कहा कि इसका संदेश है- “प्राण जाए पर वचन न जाए।” उन्होंने बताया कि यह ध्वज कर्म और कर्तव्य की प्रधानता को बढ़ावा देगा और समाज में शांति, सहयोग और सुख-समृद्धि का संदेश फैलाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि राम मंदिर परिसर में सप्त मंदिर बनाए गए हैं। माता शबरी का मंदिर जनजातीय समाज के प्रेम और आतिथ्य का प्रतीक है, वहीं निषादराज का मंदिर मित्रता और भावनाओं के महत्व को दर्शाता है। परिसर में जटायु और गिलहरी की मूर्तियां भी हैं, जो छोटे प्रयासों की महत्ता को दर्शाती हैं। साथ ही माता अहिल्या, महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य और संत तुलसीदास की मूर्तियां भी यहां स्थापित हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में महिला, दलित, पिछड़ा वर्ग, आदिवासी, किसान, श्रमिक और युवा सभी को विकास के केंद्र में रखा गया है। उनका यह मानना है कि 2047 तक, यानी आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक, विकसित भारत का निर्माण करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि राम भेद से नहीं, भाव से जुड़े हैं। व्यक्ति का कुल या वंश महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि उसकी भक्ति और मूल्य महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अयोध्या अब एक ऐसी नगरी बन रही है, जो दुनिया के लिए उदाहरण पेश करेगी और 21वीं सदी में मानवता के लिए विकास का नया मॉडल प्रस्तुत करेगी।

Admin

Writer & Blogger

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular
Recent
Edit Template
Edit Template

Hello, we are content writers with a passion for all things related to fashion, celebrities, and lifestyle. Our mission is to assist clients.

Sponsored Content

No Posts Found!

Newsletter

Join 70,000 subscribers!

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

By signing up, you agree to our Privacy Policy

Tag Clouds

Edit Template

Press ESC to close

Cottage out enabled was entered greatly prevent message.