हेल्थ डेस्क : सर्दियों में पाचन संबंधी समस्याएं अक्सर बढ़ जाती हैं। गैस, एसिडिटी या बदहजमी जैसी परेशानियों से राहत पाने के लिए दादी-नानी के जमाने की जानी-पहचानी ड्रिंक, कांजी, सबसे कारगर उपाय साबित हो सकती है। आयुर्वेद में भी कांजी को पाचन सुधारने और आंतों को स्वस्थ रखने वाला माना गया है। यह न सिर्फ प्रोबायोटिक का काम करती है, बल्कि कब्ज और शरीर के डिटॉक्स में भी मददगार होती है।
कांजी पीने से पेट का हाजमा सही रहता है और त्वचा में भी निखार आता है। विशेषज्ञों के अनुसार, खाने के तुरंत बाद कांजी का सेवन करने से गैस और एसिडिटी की समस्या कम हो जाती है। सर्दियों में घर पर कांजी बनाना आसान है और यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है।
कांजी बनाने की सामग्री :
सबसे पहले एक बड़े कांच के जार में सीजन की ताजी सब्जियां डालें। इसमें 2 गाजर, 1 बड़ा चुकंदर और 1 मूली लंबाई में काटकर डालें। स्वाद और पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए 2 हरी मिर्च भी डालें। अब इसमें 1 चम्मच राई का पाउडर, 1 चम्मच पीली सरसों, आधा चम्मच अजवाइन, 2 चम्मच सेंधा नमक और स्वादानुसार थोड़ा हींग मिलाएं।
कांजी बनाने की आसान रेसिपी:
इसके बाद जार में उबला हुआ गर्म पानी डालकर ढक्कन बंद करें और इसे धूप में रखें। लगभग एक दिन में कांजी तैयार हो जाती है। इसे सुबह या खाने के बाद पीना सबसे ज्यादा लाभकारी होता है। कांजी में डाली गई सब्जियों को सलाद के रूप में भी खाया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हफ्ते में 4-5 बार कांजी पीने से पाचन संबंधी परेशानियां दूर रहती हैं। यह पेट को हल्का और शरीर को ताजगी से भर देता है। सर्दियों में प्राकृतिक तरीकों से पाचन सुधारने के लिए कांजी एक बेहतरीन विकल्प है।
कुल मिलाकर, अगर आप पेट की समस्या से परेशान हैं और सर्दियों में सेहतमंद रहना चाहते हैं, तो रोजाना कांजी पीना शुरू कर दें। यह न केवल पाचन में मदद करती है, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत और त्वचा को चमकदार बनाती है।



