Increase Vitamin D levels in winter: सर्दियों के मौसम में धूप की उपलब्धता कम हो जाती है, जिसका सीधा असर हमारे शरीर में विटामिन डी के स्तर पर पड़ता है। विटामिन डी एक ऐसा पोषक तत्व है जो कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है और हड्डियों, मांसपेशियों व जोड़ों को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक कमी रहने पर हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी, जोड़ों में अकड़न और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सर्दियों में विटामिन डी पर विशेष ध्यान देना जरूरी हो जाता है।
सर्दियों में क्यों बढ़ जाती है कमी?
ठंड के मौसम में लोग धूप में कम निकलते हैं और शरीर ढका रहता है, जिससे त्वचा को पर्याप्त सूर्य प्रकाश नहीं मिल पाता। यही कारण है कि इस समय घुटनों का दर्द, पीठ दर्द और थकान जैसी शिकायतें आम हो जाती हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इन लक्षणों के पीछे कई बार विटामिन डी की कमी जिम्मेदार होती है।
विटामिन डी बढ़ाने के असरदार तरीके
फैटी फिश का सेवन
सैल्मन, मैकेरल, सार्डिन और टूना जैसी मछलियां विटामिन डी के प्राकृतिक स्रोत हैं। जो लोग नॉन-वेज खाते हैं, वे सप्ताह में दो से तीन बार इन्हें डाइट में शामिल कर सकते हैं। इससे हड्डियों की मजबूती और मांसपेशियों की ताकत बनाए रखने में मदद मिलती है।
अंडे को बनाएं आहार का हिस्सा
अंडे की जर्दी में विटामिन डी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। सर्दियों में अंडा शरीर को ऊर्जा भी देता है और इम्युनिटी को सपोर्ट करता है। नियमित रूप से अंडे का सेवन हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है।
फोर्टिफाइड फूड्स अपनाएं
आजकल बाजार में फोर्टिफाइड दूध, दही, अनाज और प्लांट-बेस्ड मिल्क उपलब्ध हैं, जिनमें विटामिन डी मिलाया जाता है। खासतौर पर शाकाहारियों और घर के अंदर काम करने वालों के लिए ये विकल्प काफी उपयोगी हैं।
मशरूम का इस्तेमाल
धूप में सुखाए गए मशरूम विटामिन डी का अच्छा स्रोत होते हैं। इन्हें सब्जी, सूप या स्नैक्स के रूप में खाया जा सकता है। यह वीगन लोगों के लिए भी बेहतरीन विकल्प है।
कॉड लिवर ऑयल और डेयरी उत्पाद
कॉड लिवर ऑयल में विटामिन डी प्रचुर मात्रा में होता है। इसके अलावा पनीर और मक्खन जैसे डेयरी उत्पाद भी कुछ हद तक इसकी पूर्ति करते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी तरह की डाइट में बदलाव या सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।



