Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि राज्य में 6 नवंबर को पहले और 11 नवंबर को दूसरे चरण की वोटिंग होगी। वहीं, चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को जारी कर दिए जाएंगे। बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है. बिहार में ऐसा पहली बार हो रहा है कि चुनाव दो फेज में होगा. 2005 से अभी तक ऐसा नहीं हुआ है. 2020 में तीन फेज में वोटिंग हुई थी जबकि 2015 में पांच चरणों में मतदान हुआ था।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 – मुख्य परिवर्तन और प्रमुख बातें
- चुनाव की तारीखें:
- बिहार में इस बार दो चरणों में मतदान होगा।
- पहला चरण: 6 नवंबर (121 सीटें)
- दूसरा चरण: 11 नवंबर (122 सीटें)
- मतगणना: 14 नवंबर
- विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त होगा।
- यह पहली बार है जब बिहार में चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं (2005 के बाद पहली बार इतना कम चरण)।
- निर्वाचन आयोग (ECI) की प्रमुख घोषणाएँ:
- नामांकन से 10 दिन पहले तक नाम जुड़वा सकते हैं।
- 24 जून से मतदाता सूची का शुद्धिकरण, 30 सितंबर को अंतिम सूची जारी।
- चुनाव होंगे पूर्ण पारदर्शी और हिंसामुक्त।
- फेक न्यूज पर सख्त निगरानी।
- 17 नई पहलें की गई हैं चुनाव प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए।
- बिहार में मतदाताओं की संख्या:
- पुरुष मतदाता: 3.92 करोड़
- महिला मतदाता: 3.40 करोड़
- नए (पहली बार वोट देने वाले): 14 लाख
- 100 वर्ष से अधिक उम्र वाले मतदाता: 14,000
- मतदान व्यवस्था:
- कुल 90,412 पोलिंग स्टेशन।
- प्रत्येक बूथ पर अधिकतम 1,200 मतदाता।
- हर बूथ पर वेब कास्टिंग।
- दिव्यांगों को फॉर्म 20 के जरिए घर से मतदान की सुविधा।
- पोलिंग रूम के बाहर मोबाइल सेंटर, अंदर मोबाइल नहीं।
- तकनीकी सुधार और ऐप्स:
- चुनाव आयोग के 40 ऐप्स, सभी एकीकृत ECINET प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध।
- ECINET पर सभी चुनावी जानकारी और BLO से संपर्क सुविधा।
- EVM में उम्मीदवारों की रंगीन फोटो और स्पष्ट सीरियल नंबर।
- पोस्टल बैलेट की गिनती अब अंतिम दो राउंड से पहले अनिवार्य।
- वोटर हेल्पलाइन नंबर: 1950
- पर्यवेक्षण और सुरक्षा:
- हर विधानसभा क्षेत्र में बाहरी राज्यों से पर्यवेक्षक नियुक्त।
- पर्यवेक्षकों के नाम और नंबर ECINET पर सार्वजनिक होंगे।
- किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- राजनीतिक और प्रशासनिक परिप्रेक्ष्य:
- राजनीतिक दलों की सहमति से चुनाव छठ पूजा के बाद रखे गए।
- अधिकांश दलों ने 1-2 चरणों में चुनाव की सिफारिश की थी।
- चुनाव आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों और नोडल अधिकारियों के साथ तैयारी बैठक भी की।



