Car Scam Alert: अगर आप अपनी पुरानी कार बेचने की योजना बना रहे हैं या हाल ही में बेची है, तो केवल पैसे मिल जाना ही काफी नहीं है। सबसे जरूरी काम है गाड़ी की आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) को नए मालिक के नाम ट्रांसफर करवाना। अगर ऐसा समय पर नहीं होता, तो भविष्य में आपको कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
क्या है मामला?
दिल्ली में एक व्यक्ति ने साल 2023 में अपनी कार एक ऑनलाइन सेकेंड हैंड कार प्लेटफॉर्म के जरिए बेच दी थी। सभी जरूरी दस्तावेज पूरे करने के बाद उन्हें भरोसा दिया गया कि जल्द ही गाड़ी का मालिकाना हक नए खरीदार के नाम कर दिया जाएगा। लेकिन कई साल बीतने के बाद भी आरसी ट्रांसफर नहीं हुई।
बाद में उसी कार का नाम एक कानूनी मामले में सामने आया। सरकारी रिकॉर्ड में गाड़ी अब भी पुराने मालिक के नाम दर्ज होने के कारण उन्हें पुलिस का नोटिस मिला। इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया।
अदालत ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा और फिलहाल पुराने मालिक के खिलाफ किसी भी सख्त कार्रवाई पर रोक लगा दी। अदालत ने यह भी माना कि आरसी ट्रांसफर में देरी होने पर पुराने मालिक को बेवजह परेशानी उठानी पड़ सकती है।
कार बेचने के बाद क्या करें?
कार बेचने के बाद यह जरूर जांच लें कि वाहन का रजिस्ट्रेशन नए मालिक के नाम हो गया है या नहीं। जब तक आरसी ट्रांसफर नहीं होती, सरकारी रिकॉर्ड में गाड़ी का मालिक पुराना व्यक्ति ही माना जाता है। ऐसे में अगर वाहन का गलत इस्तेमाल होता है, कोई हादसा होता है या नियमों का उल्लंघन होता है, तो सबसे पहले पुराने मालिक को ही नोटिस मिल सकता है।
क्यों जरूरी है सावधानी?
यह मामला उन सभी लोगों के लिए सीख है जो अपनी पुरानी कार किसी डीलर या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बेचते हैं। इसलिए कार बेचने के बाद आरसी ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होने तक उसकी स्थिति पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग से इसकी पुष्टि भी करें।
