Chandra Grahan 2026: आज फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह पूर्ण यानी खग्रास चंद्र ग्रहण होगा। खग्रास ग्रहण तब बनता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया पूरी तरह चंद्रमा को ढक लेती है। इस स्थिति में चंद्रमा कुछ समय के लिए पूर्णतः आच्छादित हो जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य और चंद्र ग्रहण को अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान शुभ या मांगलिक कार्यों से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
चंद्र ग्रहण 2026 का समय (भारतीय समयानुसार)
उपच्छाया स्पर्श – दोपहर 2:16 बजे
प्रच्छाया स्पर्श – 3:21 बजे
खग्रास आरंभ – 4:35 बजे
परमग्रास – 5:04 बजे
खग्रास समाप्त – 5:33 बजे
प्रच्छाया अंत – 6:46 बजे
उपच्छाया अंत – 7:52 बजे
ग्रहण का स्पर्श काल लगभग 3:20 बजे से शुरू होगा और मोक्ष काल शाम करीब 6:47 बजे माना गया है। सूतक काल ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले आरंभ हो जाता है, जो आज सुबह 6:40 बजे से प्रभावी रहेगा।
कहां-कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?
यह खग्रास चंद्र ग्रहण पूर्वी यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तर और दक्षिण अमेरिका के कई हिस्सों, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर और हिंद महासागर क्षेत्रों में दिखाई देगा।
पेरू, कनाडा, अमेरिका, ताइवान, फिलीपींस, वियतनाम, इंडोनेशिया, हांगकांग, थाईलैंड, क्यूबा, चीन, कोरिया, जापान और भारत के कुछ हिस्सों में यह पूर्ण रूप में देखा जा सकेगा।
भारत में इसकी दृश्यता क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग रहेगी। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में पूर्ण चंद्र ग्रहण स्पष्ट रूप से दिखेगा, जबकि देश के अधिकतर हिस्सों में आंशिक ग्रहण दिखाई देगा। पश्चिमी भारत में चंद्रमा का उदय ग्रहण समाप्ति के बाद होने की संभावना है, जिससे वहां केवल प्रच्छाया चरण दिख सकता है।
नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, पटना, गुवाहाटी, इंफाल, शिलांग, कोहिमा और ईटानगर जैसे प्रमुख शहरों में ग्रहण अलग-अलग चरणों में नजर आएगा।
विदेशों में लीमा, न्यूयॉर्क, टोरंटो, सिडनी, मेलबर्न, लॉस एंजेल्स, सिएटल, वॉशिंगटन डीसी, सैन फ्रांसिस्को, टोक्यो और बीजिंग में भी यह पूर्ण ग्रहण देखा जा सकेगा।
ग्रहण के दौरान मंत्र जाप
धार्मिक परंपराओं के अनुसार ग्रहण काल में मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है। कुछ प्रचलित मंत्र इस प्रकार हैं—
ऊँ इन्द्राय नमः
ऊँ अग्नये नमः
ऊँ सोमाय नमः
ऊँ रुद्राय नमः
ऊँ विष्णुवे नमः
ऊँ अश्विनीये नमः
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। हिन्द लहर एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

