इंटरनेशनल डेस्क : मेक्सिको सिटी की सड़कों पर अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब देश की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम (Claudia Sheinbaum) के साथ एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान यौन उत्पीड़न की घटना सामने आई। यह घटना विश्व इतिहास में असामान्य मानी जा रही है, क्योंकि किसी देश की कार्यरत महिला राष्ट्रपति के साथ इस तरह की स्थिति पहली बार सामने आई है।
राष्ट्रपति के साथ भीड़ में शर्मनाक हरकत
जानकारी के मुताबिक, 63 वर्षीय राष्ट्रपति शीनबाम राष्ट्रपति भवन के पास जनता से मिलने के लिए कार्यक्रम में जा रही थीं। भीड़ में मौजूद समर्थक उनका स्वागत कर रहे थे, तभी एक नशे में व्यक्ति अचानक उनके पास आ गया। उसने पहले उनके कंधे पर हाथ रखा और फिर अनुचित तरीके से छूने की कोशिश की। इसके साथ ही उसने उनकी गर्दन पर किस करने का प्रयास भी किया। सुरक्षा टीम ने तुरंत उसे पकड़ लिया और मौजूद लोगों की मदद से पुलिस के हवाले कर दिया। पूरी घटना कैमरों में कैद हो गई, और फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे देश में गुस्से की लहर फैल गई।
राष्ट्रपति शीनबाम ने कहा- मैं खुद इस घटना पर शिकायत नहीं करूंगी…
घटना के अगले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति शीनबाम ने भावुक अंदाज में कहा कि अगर मैं खुद इस घटना पर शिकायत नहीं करूंगी, तो आम महिलाओं की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ मेरी लड़ाई नहीं, बल्कि हर उस महिला की लड़ाई है जो डर या शर्म के कारण चुप रहती है। राष्ट्रपति ने सरकार की ओर से यौन उत्पीड़न को गंभीर अपराध घोषित करने के लिए कानूनी कदम उठाने का आश्वासन भी दिया।
महिला अधिकार संगठनों ने इस घटना को देश में महिलाओं की सुरक्षा की कमजोर स्थिति का उदाहरण बताया। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, मेक्सिको में 70% से अधिक महिलाएं अपने जीवन में कभी न कभी यौन उत्पीड़न या हिंसा का सामना करती हैं। वहीं, हर दिन औसतन 10 महिलाओं की हत्या होती है।
घटना के बाद गुस्से और आक्रोश का माहौल
सोशल मीडिया पर घटना के बाद गुस्से और आक्रोश का माहौल है। #JusticeForSheinbaum और #WomenAreNotSafe जैसे हैशटैग लगातार ट्रेंड कर रहे हैं। लोग सड़कों पर उतरकर महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की मांग कर रहे हैं। कई महिला नेताओं और संगठनों ने राष्ट्रपति के साहस की सराहना की, जिन्होंने इस घटना को सार्वजनिक कर चुप्पी तोड़ने का उदाहरण पेश किया।
राष्ट्रपति शीनबाम ने देश की सभी महिलाओं से अपील की है कि वे किसी भी यौन अपराध पर चुप न रहें और न्याय के लिए आवाज उठाएँ। सरकार की योजना है कि नए कानूनों के माध्यम से हर महिला को अपराधी के खिलाफ सुरक्षा और न्याय का भरोसा मिले।



