नेशनल डेस्क:राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर चिंताजनक रूप ले लिया है। शनिवार की सुबह दिल्लीवासियों की शुरुआत घने स्मॉग और धुंध के साथ हुई। शहर के कई हिस्सों में आसमान पर प्रदूषण की मोटी परत नजर आई, जिससे सड़कों पर दृश्यता काफी घट गई। हालात ऐसे रहे कि लोगों को घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनने को मजबूर होना पड़ा। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और सांस व अस्थमा से पीड़ित मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस स्तर की हवा में लंबे समय तक सांस लेना स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है और फेफड़ों व हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
कई इलाकों में हालात बेहद खरा
शनिवार सुबह एम्स, आनंद विहार, आईटीओ और अक्षरधाम जैसे प्रमुख इलाकों में स्मॉग की घनी चादर छाई रही। आनंद विहार में AQI 430 से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि आईटीओ और अक्षरधाम में भी हवा गंभीर श्रेणी में रही। संसद मार्ग क्षेत्र में स्थिति थोड़ी कम खराब रही, लेकिन यहां भी वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। कम दृश्यता के कारण यातायात पर भी असर पड़ा और वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी।
प्रदूषण से निपटने के लिए कद
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एक विशेष विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इस समिति में शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य क्षेत्र और ऑटोमोबाइल अनुसंधान से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। समिति का उद्देश्य वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए प्रभावी और व्यावहारिक उपाय सुझाना है, ताकि भविष्य में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके।
आने वाले दिनों में भी राहत नही
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, फिलहाल मौसम की परिस्थितियां प्रदूषण के अनुकूल बनी हुई हैं। अनुमान है कि अगले दो दिनों तक भी दिल्ली की हवा बेहद खराब या गंभीर श्रेणी में रह सकती है। इस दौरान लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश, सिरदर्द और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।



