नई दिल्ली: सोशल मीडिया कंपनी X ने अपनी कंटेंट मॉडरेशन व्यवस्था में हुई कमियों को स्वीकार करते हुए माना है कि उससे गलतियां हुई हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने आश्वासन दिया है कि वह आगे से भारत के कानूनों और नियमों के अनुरूप ही काम करेगी। यह कदम प्लेटफॉर्म पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री को लेकर उठी चिंताओं के बाद सामने आया है। आरोप है कि इस तरह की कुछ सामग्री X के एआई टूल ‘ग्रोक’ के जरिए तैयार या साझा की गई थी।
इन मुद्दों पर कार्रवाई करते हुए X ने करीब 3,500 पोस्ट्स को ब्लॉक किया है और 600 से ज्यादा अकाउंट्स को हटाया है। साथ ही कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में प्लेटफॉर्म पर अश्लील तस्वीरों को अनुमति नहीं दी जाएगी।
सरकार को पहले जवाब संतोषजनक नहीं लगा
इससे पहले केंद्र सरकार ने X से ग्रोक एआई से जुड़ी अश्लील सामग्री पर की गई ठोस कार्रवाई और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर विस्तृत जानकारी मांगी थी। हालांकि X की ओर से भेजा गया जवाब काफी लंबा था, लेकिन सरकार को वह अधूरा लगा। खास तौर पर इसमें ग्रोक एआई से उत्पन्न अश्लील सामग्री के मामलों में उठाए गए कदमों और भविष्य की रणनीति का स्पष्ट उल्लेख नहीं था।
पहले नोटिस के जवाब में X ने यह जरूर बताया था कि वह भ्रामक पोस्ट्स और बिना सहमति के बनाई गई यौन सामग्री के खिलाफ सख्त नीति अपनाता है, लेकिन एआई से जुड़े मामलों पर ठोस विवरण नहीं दिया गया।
आईटी मंत्रालय की सख्त चेतावनी
दो जनवरी को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने X को कड़ी चेतावनी जारी की थी। यह चेतावनी एआई आधारित टूल्स, जैसे ग्रोक, के दुरुपयोग से तैयार की जा रही अश्लील और यौन सामग्री को लेकर दी गई थी। इसके बाद X के ‘सेफ्टी’ हैंडल ने कहा कि प्लेटफॉर्म अवैध कंटेंट, जिसमें बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री भी शामिल है, के खिलाफ सख्त कदम उठाता है।
कंपनी ने बताया कि ऐसी सामग्री को हटाना, संबंधित अकाउंट्स को स्थायी रूप से निलंबित करना और जरूरत पड़ने पर स्थानीय सरकार व कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करना उसकी नीति का हिस्सा है। X ने एलन मस्क के रुख को दोहराते हुए यह भी कहा कि ग्रोक या किसी अन्य माध्यम से अवैध सामग्री बनाने या फैलाने वालों के खिलाफ वही कार्रवाई होगी, जो सीधे अवैध कंटेंट अपलोड करने पर की जाती है।



