तेल अवीव: इजरायली सेना (आईडीएफ) ने रविवार को बताया कि उन्होंने हमास के एक बड़े नेता बशर थाबेत को मार दिया है। बशर थाबेत हमास के हथियार बनाने वाले विभाग में विकास और परियोजना का कमांडर था। वह हथियारों के लिए नए-नए उपकरण और तकनीक बनाने का जिम्मेदार था, ताकि हमास का हथियार भंडार बढ़ता रहे।
कैसे हुआ हमला?
आईडीएफ ने बताया कि उन्होंने हमास के आतंकियों, उनके ठिकानों और सुरंगों का पता लगाया और उन्हें नष्ट किया। इस ऑपरेशन में इजरायली वायुसेना (IAF) ने भी हिस्सा लिया। वायुसेना ने लगभग 75 आतंकवादी ठिकानों पर बमबारी की। इन ठिकानों में हमास के सैन्य परिसर और दूसरी इमारतें शामिल थीं, जहां से हमले की तैयारी हो रही थी।
आईडीएफ ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा
“बशर थाबेत, हमास के हथियार उत्पादन विभाग में विकास और परियोजना का कमांडर था। वह हथियारों के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट का काम देखता था। हमारी सेना ने आतंकियों के ठिकानों, आतंकियों और सुरंगों को नष्ट किया।”
115 फिलिस्तीनी मारे गए
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के हमलों में कम से कम 115 फिलिस्तीनी मारे गए। इनमें से 92 लोग वो थे जो खाने-पीने की मदद पाने के लिए आए थे। इसके अलावा, दो नागरिक सुरक्षा के लोग भी मारे गए। गाजा में हालात बहुत ही खराब हैं। वहां खाने-पीने की चीज़ें नहीं मिल रही हैं और लोग भुखमरी का शिकार हो रहे हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ही 18 लोग भूख से मर गए। बच्चों की हालत सबसे बुरी है, क्योंकि उन्हें सही खाना और पानी नहीं मिल पा रहा है।
पश्चिमी तट पर भी मुश्किलें
गाजा के अलावा, कब्जे वाले पश्चिमी तट के गांवों में भी लोग परेशान हैं। फिलिस्तीनियों का कहना है कि इजरायली बसने वाले (सेटलर्स) उनके गांवों की पानी की सप्लाई पर हमला कर रहे हैं। इससे वहां रहना और भी मुश्किल हो गया है।



