नेशनल डेस्क : दिवाली से पहले देश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दो नई कृषि योजनाओं की शुरुआत की है, जिनका कुल बजट ₹35,440 करोड़ रखा गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि भारत की कृषि व्यवस्था भी और मजबूत बनेगी। उन्होंने इसे “भारत के किसानों की किस्मत बदलने वाला कदम” बताया।
दो नई योजनाओं की हुई लॉन्चिंग
प्रधानमंत्री मोदी ने जिन योजनाओं का शुभारंभ किया, उनके नाम हैं प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन। वहीं इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को बेहतर तकनीकी सहायता, फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाओं में सुधार, और भंडारण क्षमता बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में मदद देना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से देश के लाखों किसान लाभान्वित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
मोदी ने इस अवसर पर कहा, “आज भारत माता के दो महान रत्नों, जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती है। उन्होंने ग्रामीण भारत को नई सोच और आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाया। आज हम उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”
पिछली सरकारों पर निशाना
बता दें कि कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले की सरकारों में कृषि के प्रति दूरदर्शिता और स्थायी नीति का अभाव था। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने कृषि क्षेत्र को नजरअंदाज किया। अगर समय रहते ठोस कदम उठाए गए होते, तो किसानों की स्थिति आज कहीं बेहतर होती।” प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में भाजपा सरकार बनने के बाद कृषि क्षेत्र में कई ऐतिहासिक सुधार किए गए, जिनका असर अब स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
भाजपा सरकार की कृषि उपलब्धियां
मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत का कृषि निर्यात दोगुना हुआ है। उन्होंने बताया कि देश में अनाज उत्पादन में 90 मिलियन मीट्रिक टन की बढ़ोतरी हुई है। फल, सब्जी, दूध, मछली और शहद उत्पादन में भी रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, “आज भारत दूध उत्पादन में दुनिया में पहले नंबर पर है, जबकि मछली उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। अंडा और उर्वरक उत्पादन में भी तेजी आई है।”
दोनों योजनाओं के प्रमुख उद्देश्य
प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना (₹24,000 करोड़) : इस योजना का लक्ष्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना, आधुनिक सिंचाई सुविधाएं विकसित करना और पंचायत स्तर पर भंडारण क्षमता में वृद्धि करना है।
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन (₹11,440 करोड़) : इसका उद्देश्य दलहन उत्पादन को बढ़ावा देना, खेती के क्षेत्र का विस्तार करना और मूल्य श्रृंखला को सशक्त बनाना है, ताकि देश में दलहन आयात पर निर्भरता घटाई जा सके।
किसानों को होंगे ये बड़े फायदे
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन योजनाओं से किसानों को बेहतर तकनीकी सहायता मिलेगी, जिससे उनकी खेती की लागत घटेगी और उत्पादकता बढ़ेगी। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य किसानों की आय को दोगुना करना और भारत को कृषि शक्ति के रूप में आत्मनिर्भर बनाना है।”



