चंडीगढ़: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने कंप्यूटर विज्ञान विषय की पढ़ाई और परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव करने का फैसला किया है। आपको बता दें कि डिजिटल युग में छात्रों की तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने के लिए यह निर्णय बोर्ड की अकादमिक परिषद की हाल ही में हुई बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड प्रमुख डॉ. अमरपाल सिंह (आईएएस, सेवानिवृत्त) ने की।
बता दें कि अब तक कक्षा 6 से छात्रों को कंप्यूटर विज्ञान पढ़ाया जा रहा था, लेकिन यह केवल ग्रेडिंग आधारित विषय था। इसका मतलब यह था कि छात्रों की वास्तविक कंप्यूटर समझ और कौशल का सही मूल्यांकन नहीं हो पाता था। नई व्यवस्था के तहत, अब छात्रों की थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल क्षमता का भी पूरी तरह से मूल्यांकन किया जाएगा।
10 और 12 के छात्रों के लिए भी अब बोर्ड स्तर पर लागू होंगे नए नियम
कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए भी अब बोर्ड स्तर पर नए नियम लागू होंगे। बोर्ड द्वारा प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे और मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया—कॉपी जांचने से लेकर परिणाम जारी करने तक सिर्फ बोर्ड के माध्यम से ही होगी। इससे पहले यह जिम्मेदारी स्कूलों पर होती थी, जिसके कारण मूल्यांकन में असमानता और पारदर्शिता की कमी की शिकायतें आती रहती थीं।
एक और बड़ा बदलाव यह है कि कंप्यूटर विज्ञान की प्रैक्टिकल परीक्षा अब केवल बाहरी परीक्षकों द्वारा आयोजित की जाएगी। इससे छात्रों की वास्तविक दक्षता और तकनीकी समझ का निष्पक्ष आकलन संभव होगा।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि- नई नीति का उद्देश्य छात्रों को सिर्फ…
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि नई नीति का उद्देश्य छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखना बल्कि उन्हें डिजिटल दुनिया में आवश्यक कौशल और वास्तविक कंप्यूटर उपयोग की जानकारी देना है। यह कदम छात्रों के शैक्षिक विकास के साथ-साथ भविष्य की करियर संभावनाओं के लिए भी अहम साबित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से पंजाब के छात्रों में कंप्यूटर और डिजिटल साक्षरता की क्षमता में सुधार आएगा और उन्हें आधुनिक तकनीकी माहौल में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा।


