पंजाब डेस्क : हिमाचल प्रदेश के ऊना ज़िले में आयोजित माँ चिंतपूर्णी महोत्सव के दौरान पंजाबी गायक बब्बू मान के लाइव शो को लेकर नया विवाद सामने आया है। आपको बता दें कि लुधियाना के कई हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि धार्मिक आयोजन के माहौल में ऐसे गीत प्रस्तुत किए गए, जो न केवल अनुचित थे बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी ठेस पहुँचा सकते हैं।
धार्मिक मंच पर “अनुचित गानों” का आरोप
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कार्यक्रम स्थल पर 14 नवंबर को माता चिंतपूर्णी मंदिर से लाई गई पवित्र ज्योति स्थापित की गई थी, जिसके बाद पूरा मंच दरबार की तरह सजाया गया था। संगठनों का कहना है कि 15 और 16 नवंबर को हुए लाइव कार्यक्रम में बब्बू मान ने ऐसे गीत गाए जिनमें शराब, हथियार और नशे से जुड़े थे, जो धार्मिक प्रकृति वाले आयोजन के अनुकूल नहीं थे। उनका तर्क है कि जहाँ माता का दरबार स्थापित हो, वहाँ भजनों और जागरण जैसा वातावरण होना चाहिए, न कि मनोरंजन और डांस कार्यक्रम।
मंच पर नृत्य प्रदर्शन भी विवाद का हिस्सा
जय माँ लंगर सेवा समिति एवं डेरा मस्सा भाई पडें की ओर से दी गई शिकायत में यह भी कहा गया है कि मंच पर लड़कियों से “अशोभनीय गीतों” पर नृत्य करवाया गया। संगठनों का कहना है कि इससे पूरा वातावरण धार्मिक पवित्रता से भटक गया और माता के दरबार में अनुचित प्रस्तुतियां की गईं। शिकायतों में इसे “सीधी धार्मिक अवमानना” बताया गया है।
कुछ गानों पर विशेष आपत्ति
संगठनों ने उन गीतों पर विशेष आपत्ति जताई है, जिनमें कथित रूप से हथियारों और नशे से जुड़े उल्लेख होते हैं। उनका कहना है कि महोत्सव का उद्देश्य धार्मिक भावना और भक्ति का संदेश देना था, लेकिन मंच पर किसी भी प्रकार का जागरण या भजन प्रस्तुत नहीं किया गया।
प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग
हिंदू संगठनों ने जिला प्रशासन से कलाकारों और आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि महोत्सव को धार्मिक स्वरूप देने के बावजूद आयोजन की व्यवस्थाओं में लापरवाही बरती गई। बादल जैन सहित कई प्रतिनिधियों ने कहा कि भविष्य में सरकार को ऐसे कार्यक्रमों में धार्मिक प्रतीकों और नामों का इस्तेमाल करते समय सख्त दिशा-निर्देश लागू करने चाहिए ताकि धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुँचे।



