Tata Curvv EV: देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकारें भी लगातार नए कदम उठा रही हैं। इसी पहल के तहत महाराष्ट्र सरकार ने अपने परिवहन विभाग के लिए एक साथ 57 इलेक्ट्रिक कारें खरीदी हैं। ये सभी गाड़ियां Tata Curvv EV हैं, जिन्हें अब सरकारी बेड़े में शामिल कर लिया गया है।
इन इलेक्ट्रिक एसयूवी का इस्तेमाल सरकारी कार्यों के अलावा निगरानी और पेट्रोलिंग जैसी ड्यूटी के लिए भी किया जाएगा। सोशल मीडिया पर इन गाड़ियों की डिलीवरी का वीडियो सामने आया है, जिसमें एक साथ खड़ी कई नई इलेक्ट्रिक कारें नजर आ रही हैं।
खास कार्यक्रम में हुई गाड़ियों की डिलीवरी
इन इलेक्ट्रिक कारों को एक कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र परिवहन विभाग को सौंपा गया। इस मौके पर राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक भी मौजूद रहे। उन्होंने कार की टेस्ट ड्राइव लेकर इसके फीचर्स की जानकारी ली। इसके बाद सभी वाहनों की चाबियां अधिकारियों को सौंपी गईं और इन्हें सरकारी सेवा के लिए रवाना किया गया।
इन गाड़ियों पर बीकन लाइट भी लगाई गई है, जिससे संकेत मिलता है कि इनका इस्तेमाल सरकारी ड्यूटी, निरीक्षण और पेट्रोलिंग जैसे कामों में किया जाएगा।
आधुनिक फीचर्स से लैस है Tata Curvv EV
Tata Curvv EV कंपनी की प्रीमियम इलेक्ट्रिक एसयूवी में शामिल है। इसका कूपे डिजाइन इसे बाकी कारों से अलग पहचान देता है। इसमें बड़ी टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट स्क्रीन, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, पैनोरमिक सनरूफ, 360 डिग्री कैमरा और लेवल-2 ADAS जैसे कई आधुनिक फीचर्स मिलते हैं।
इसके अलावा कार में कई सेफ्टी फीचर्स भी दिए गए हैं, जो इसे सरकारी इस्तेमाल के लिए एक बेहतर विकल्प बनाते हैं।
एक चार्ज में 500 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज
Tata Curvv EV को दो बैटरी विकल्पों के साथ पेश किया गया है। इसके बड़े बैटरी पैक वाला मॉडल कंपनी के अनुसार एक बार फुल चार्ज होने पर 500 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर सकता है।
कार में DC फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी मिलता है, जिससे बैटरी को कम समय में चार्ज किया जा सकता है। लंबी रेंज और बेहतर फीचर्स के कारण यह इलेक्ट्रिक एसयूवी लोगों के बीच भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की कोशिश
महाराष्ट्र सरकार का यह फैसला सरकारी वाहनों में इलेक्ट्रिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों के इस्तेमाल से ईंधन खर्च कम करने के साथ-साथ प्रदूषण को भी कम करने में मदद मिलेगी।
